हमसफर कैसे कैसे भाग 4
#हमसफर_कैसे_कैसे #4
अमिताभ कई दिनों तक स्कूल के पास वाले रास्ते से जाता रहा और उसे कांटेक्ट करने की कोशिश करता रहा परंतु एक सौम्य स्वभाव वाले लड़के ने जब यह सोचा कि कहीं उसकी यह हरकत छेड़खानी की श्रेणी में तो नहीं आती उसने ऑफिस जाने का रास्ता बदल लिया और चैट पर भी कांटेक्ट करना छोड़ दिया।
आज कई दिनों बाद यूं ही उसने इंस्टाग्राम खोलकर स्क्रॉल करना शुरू किया तब तक एक नोटिफिकेशन दिखा, जिसमें लिखा था 'समबडी वांट्स टू सेंड यू अ अ मैसेज' जो उसने नोटिफिकेशन खोला तो स्नेहा नाम की यह आईडी उस को पिछले तीन दिनों से फॉलो कर रही थी और 'हाय' का एक मैसेज पड़ा था।
प्रोफाइल देखने पर याद आया कि इस लड़की को उसने प्रेरणा के साथ स्कूल के ग्राउंड में देखा है।
अमिताभ ने चाहा कि वह जवाब में तुरंत प्रेरणा के बारे में पूछे परंतु अपने बुझे हुए मन की वजह से पैदा हुई अरुचि वश उसने ऐसे ही सीन मैसेज को छोड़ दिया।
शाम को फिर मैसेज आता है।
-'आई अंडरस्टैंड, तुम्हारी हालत क्या होगी। लेकिन तुम मुझसे बात कर सकते हो।'
-'क्यों? क्यों करूं आपसे बात। कोई वजह नहीं कि मैं उससे या उसके साथ के किसी व्यक्ति से बात करूं।'
-'इस वजह का तो नहीं पता पर वह वजह जरूर जानती हूँ, जिससे प्रेरणा तुम्हारे नजदीक आते-आते दूर चली गई।'
-' आपपर विश्वास करने की वजह? '
-' कोई वजह नहीं, चाहो तो करो, न चाहो तो न करो। हाँ! प्रेरणा का तुम्हारा क्या है यह मैं सब जानती हूँ पर मैं तुम्हें मैसेज कर रही यह प्रेरणा नहीं जानती। यह बात तुम सीक्रेट रख सकते हो और अपने तरीके से सच्चाई भी पता कर सकते हो।वैसे भी धीरे-धीरे बात सामने आ ही जाएगी।
अमिताभ पिक्चर्स भी देखता था और कहानियां भी पढ़ता था। उसको लग रहा था कि कहीं यह कोई चाल तो नहीं। चारा भी तो नहीं था, उसे स्नेहा को सुनना ही था।
स्नेहा ने कांफिडेसियल रखने का वास्ता देकर वह फोटो अमिताभ को भेजी जिसमें प्रेरणा किसी दूसरे लड़के के साथ है।
'यह लड़का मयंक है; प्रेरणा का ब्वाय फ्रेंड। लड़ाई से ही इनका रिश्ता शुरू हुआ था और फिर प्यार में बदल गया। कई बार ये लोग मिल भी चुके हैं और इनके बीच वो सब है जो प्यार कर रहे एक लड़के-लड़की के बीच हो सकता है। प्रेरणा मयंक को बहुत मानती है और यहां तक कि उससे शादी तक का सोंच चुकी थी।' स्नेहा ने दो-एक फोटो और भेजीं जिसमें वे दोनों किसी मंदिर में हैं और नवविवाहित जोड़े जैसे दिख रहे हैं बस सिंदूर की कमी है।
-'फिर मैं... '
-'पता नहीं कैसे मयंक की जिंदगी से एक और लड़की जुड़ी थी, जिसको लेकर दोनों में गलतफहमी पैदा हो गई। सुलझाने की कोशिश खूब किए दोनों पर परिस्थितियां ऐसी बनती रहीं कि अंततः लड़ाई हो गयी। मयंक ने फ्रस्ट्रेशन में प्रेरणा को बहुत भला बुरा कहा और दोनों ने एक-दूसरे को गालियां तक दे दीं।
और यह उनके अलग हो जाने का कारण था। उदास रह रही प्रेरणा को तुम दिखे, उसने मुझे तुम्हारे बारे में बताया था कि वह पहले से तुम्हारे बारे में जानती है कि तुम गोल्ड मेडलिस्ट हो और पार्ट टाइम काम करते वक्त भी तैयारी कर रहे हो और इस बार प्री इक्जाम निकाला है। तुम उसे वास्तव में पसंद हो, वह बहुत तारीफ करती थी तुम्हारी। तुम अब भी उसकी पसंद हो परंतु वह किसी के प्रति बेवफा नहीं होना चाहती।'
-'बेवफा नहीं होना चाहती मतलब? फिर मेरे साथ क्या है? '
-'वह किसी के साथ बेवफाई नहीं चाहती थी, इसीलिए जब कुछ दिन पहले मयंक ने उससे माफी मांगी तो वह पुनः उसके साथ हो ली।मैं तुम्हारे साथ बेवफाई नहीं कहूंगी क्योंकि न तो वह अभी तुमसे मिली और न ही प्यार की स्वीकृति दी थी।'
अमिताभ ने आह भरी और चैट में लिखा -'तो उसे मुझको बताना चाहिए।'
-'क्या बताती?'
इस प्रश्न पर अमिताभ भी मौन था। सच ही है वह बताती क्या।
स्नेहा ने कहा कि कई बार हमारे साथ बुरा हो जाता है जिसका स्पष्ट दोषी कोई नहीं होता है शायद इसे ही किस्मत का दोष कहते हैं। खैर तुम मुझे अपनी दोस्त मान सकते हो और हाँ मेरी किसी से लड़ाई-वड़ाई नहीं हुई है।
अमिताभ किंकर्तव्यविमूढ़ सा एक स्माइली भेज देता है। उसे रिप्लाई आता है, - 'पोमिग्रेनेट से अच्छे तो बैंगन ही लगते हो।'
अब क्या कल अमिताभ अपनी बैंगनी शर्ट पहन कर जाएगा?
क्रमशः
✍️ मोहन
अमिताभ कई दिनों तक स्कूल के पास वाले रास्ते से जाता रहा और उसे कांटेक्ट करने की कोशिश करता रहा परंतु एक सौम्य स्वभाव वाले लड़के ने जब यह सोचा कि कहीं उसकी यह हरकत छेड़खानी की श्रेणी में तो नहीं आती उसने ऑफिस जाने का रास्ता बदल लिया और चैट पर भी कांटेक्ट करना छोड़ दिया।
आज कई दिनों बाद यूं ही उसने इंस्टाग्राम खोलकर स्क्रॉल करना शुरू किया तब तक एक नोटिफिकेशन दिखा, जिसमें लिखा था 'समबडी वांट्स टू सेंड यू अ अ मैसेज' जो उसने नोटिफिकेशन खोला तो स्नेहा नाम की यह आईडी उस को पिछले तीन दिनों से फॉलो कर रही थी और 'हाय' का एक मैसेज पड़ा था।
प्रोफाइल देखने पर याद आया कि इस लड़की को उसने प्रेरणा के साथ स्कूल के ग्राउंड में देखा है।
अमिताभ ने चाहा कि वह जवाब में तुरंत प्रेरणा के बारे में पूछे परंतु अपने बुझे हुए मन की वजह से पैदा हुई अरुचि वश उसने ऐसे ही सीन मैसेज को छोड़ दिया।
शाम को फिर मैसेज आता है।
-'आई अंडरस्टैंड, तुम्हारी हालत क्या होगी। लेकिन तुम मुझसे बात कर सकते हो।'
-'क्यों? क्यों करूं आपसे बात। कोई वजह नहीं कि मैं उससे या उसके साथ के किसी व्यक्ति से बात करूं।'
-'इस वजह का तो नहीं पता पर वह वजह जरूर जानती हूँ, जिससे प्रेरणा तुम्हारे नजदीक आते-आते दूर चली गई।'
-' आपपर विश्वास करने की वजह? '
-' कोई वजह नहीं, चाहो तो करो, न चाहो तो न करो। हाँ! प्रेरणा का तुम्हारा क्या है यह मैं सब जानती हूँ पर मैं तुम्हें मैसेज कर रही यह प्रेरणा नहीं जानती। यह बात तुम सीक्रेट रख सकते हो और अपने तरीके से सच्चाई भी पता कर सकते हो।वैसे भी धीरे-धीरे बात सामने आ ही जाएगी।
अमिताभ पिक्चर्स भी देखता था और कहानियां भी पढ़ता था। उसको लग रहा था कि कहीं यह कोई चाल तो नहीं। चारा भी तो नहीं था, उसे स्नेहा को सुनना ही था।
स्नेहा ने कांफिडेसियल रखने का वास्ता देकर वह फोटो अमिताभ को भेजी जिसमें प्रेरणा किसी दूसरे लड़के के साथ है।
'यह लड़का मयंक है; प्रेरणा का ब्वाय फ्रेंड। लड़ाई से ही इनका रिश्ता शुरू हुआ था और फिर प्यार में बदल गया। कई बार ये लोग मिल भी चुके हैं और इनके बीच वो सब है जो प्यार कर रहे एक लड़के-लड़की के बीच हो सकता है। प्रेरणा मयंक को बहुत मानती है और यहां तक कि उससे शादी तक का सोंच चुकी थी।' स्नेहा ने दो-एक फोटो और भेजीं जिसमें वे दोनों किसी मंदिर में हैं और नवविवाहित जोड़े जैसे दिख रहे हैं बस सिंदूर की कमी है।
-'फिर मैं... '
-'पता नहीं कैसे मयंक की जिंदगी से एक और लड़की जुड़ी थी, जिसको लेकर दोनों में गलतफहमी पैदा हो गई। सुलझाने की कोशिश खूब किए दोनों पर परिस्थितियां ऐसी बनती रहीं कि अंततः लड़ाई हो गयी। मयंक ने फ्रस्ट्रेशन में प्रेरणा को बहुत भला बुरा कहा और दोनों ने एक-दूसरे को गालियां तक दे दीं।
और यह उनके अलग हो जाने का कारण था। उदास रह रही प्रेरणा को तुम दिखे, उसने मुझे तुम्हारे बारे में बताया था कि वह पहले से तुम्हारे बारे में जानती है कि तुम गोल्ड मेडलिस्ट हो और पार्ट टाइम काम करते वक्त भी तैयारी कर रहे हो और इस बार प्री इक्जाम निकाला है। तुम उसे वास्तव में पसंद हो, वह बहुत तारीफ करती थी तुम्हारी। तुम अब भी उसकी पसंद हो परंतु वह किसी के प्रति बेवफा नहीं होना चाहती।'
-'बेवफा नहीं होना चाहती मतलब? फिर मेरे साथ क्या है? '
-'वह किसी के साथ बेवफाई नहीं चाहती थी, इसीलिए जब कुछ दिन पहले मयंक ने उससे माफी मांगी तो वह पुनः उसके साथ हो ली।मैं तुम्हारे साथ बेवफाई नहीं कहूंगी क्योंकि न तो वह अभी तुमसे मिली और न ही प्यार की स्वीकृति दी थी।'
अमिताभ ने आह भरी और चैट में लिखा -'तो उसे मुझको बताना चाहिए।'
-'क्या बताती?'
इस प्रश्न पर अमिताभ भी मौन था। सच ही है वह बताती क्या।
स्नेहा ने कहा कि कई बार हमारे साथ बुरा हो जाता है जिसका स्पष्ट दोषी कोई नहीं होता है शायद इसे ही किस्मत का दोष कहते हैं। खैर तुम मुझे अपनी दोस्त मान सकते हो और हाँ मेरी किसी से लड़ाई-वड़ाई नहीं हुई है।
अमिताभ किंकर्तव्यविमूढ़ सा एक स्माइली भेज देता है। उसे रिप्लाई आता है, - 'पोमिग्रेनेट से अच्छे तो बैंगन ही लगते हो।'
अब क्या कल अमिताभ अपनी बैंगनी शर्ट पहन कर जाएगा?
क्रमशः
✍️ मोहन
बहुत बढ़िया
ReplyDeleteThank you 😊
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