कहानी : हमसफर कैसे कैसे (भाग-1)

#हमसफर_कैसे_कैसे #भाग_1

'' एक आपके लिए, एक चंकू के लिए और एक उस टेडी के लिए जिसे तुम मेरा नाम देकर वीडियो काॅलिंग के वक्त चूमती हो। '' एक-एक कर तीन चाकलेट पकड़ाते हुए अमिताभ ने कहा।
'अरे इतनी सारी चाॅकलेट्स!...... ओह! किटकैट, माय फेवरिट वन्। आपको कैसे पता मुझे किटकैट की चाॅकलेट्स पसंद हैं?' स्नेहा की आवाज में ऐसा लगर रहा था जैसे वह आवाज उखड़ रही हो अर्थात् आवाज अंदर से न आ रही हो।
'वो मैंने वीडियो काॅलिंग पर आपके बेडरूम में इसी के रैपर्स देखे थे तो मैंने सोचा..... ।' आवाज अमिताभ की भी उखड़ ही रही थी लेकिन स्नेहा से कुछ और ही ज्यादा।
   आवाज का यह हाल उनका नर्वस होना था, वीडियो काॅल पर तो पिछले 1 महीने से रात-रातभर बात होती थी परंतु दोनों की फेस-टु-फेस मुलाकात पहली थी। उनका प्रेम भी पहला था। मिल तो नियोजित स्थान पर ही रहे थे परंतु पहली मुलाकात के स्थान का निर्धारण ये गली ही होगी ऐसा उन्होंने कभी भी प्यार के हसीन ख्वाबों में  सोंचा न था।
अमिताभ के चाकलेट के चयन पर इसतरह सीधा-सा जवाब सुनकर स्नेहा खिलखिलाकर हँस पड़ी. और इस बार फिर से 'बुद्धू' बोल दी।
 अमिताभ का यही बुद्धूपना जो उसका भोलापन था... उसकी इनोसेंसी थी, स्नेहा को उसकी दीवानी बनाती थी।
   दोनों की मुलाकात सोशल साइट पर हुई थी, जब स्नेहा ने इंस्टाग्राम पर जाकर उसको फाॅलो किया था। स्नेहा उसको जान पाई इसका श्रेय उसकी सखी प्रेरणा को जाता है। प्रेरणा ने काॅलेज की खिड़की से और काॅलेज की बाहर की गली से कई बार अमिताभ को आफिस के लिए निकलते देखा था , एक बार जब उसकी प्रोफाइल उसको इंस्टाग्राम पर दिखी तो अनायास ही फालो कर लिया।खुद को देख रही लड़की को अमिताभ ने इग्नोर भले ही किन्हीं कारणों से किया हो परंतु चेहरा बखूबी याद था सो तुरंत फाॅलो बैक कर लिया।
प्रेरणा पहले से किसी लड़के के साथ प्रेम में थी परंतु कुछ अनबन की वजह से उनका ब्रेकअप हो गया था। ब्रेकअप से उबरने के दो तरीके माने जाते हैं.... या तो नशेड़ी बन जाओ या दूसरा जीवनसाथी चुन लो, प्रेरणा ने दूसरा चुनने का प्लान बनाया।

क्या अमिताभ प्रेरणा का जीवनसाथी बना? फिर स्नेहा बीच में कैसे आई? जानने के लिए प्रतीक्षा करें कल की.... 🙏

✍️ मोहन

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