हमसफर कैसे कैसे भाग 2

#हमसफर_कैसे_कैसे #2

अमिताभ ने प्रेरणा को फालोबैक कर लिया। प्रेरणा के साथ बातचीत शुरू होने और कहानी आगे बढ़ने के  ख्वाब देखने के लिए अमिताभ सोना चाहता परंतु उसकी  नींदें गायब होने लगी थीं। अमिताभ अपनी प्रकृति में लड़कों से थोड़ा अलग था। लड़कियों को लेकर उसके विचार अलग थे। समानता का पोषक अमिताभ चाहता था कि अगर लड़के लड़कियों के पीछे भागते हैं, उन्हें पहले पिंग करते हैं और लड़कियां नखरे दिखाती हैं तो यह सब लड़कों के साथ भी होना चाहिए; कम से कम वह ऐसा नहीं करेगा।
    जरूरत भी नहीं पड़ी, रात को नौ बजे टुन्न की घंटी के साथ जो अमिताभ का फोन वाइब्रेट हुआ तो पहले उसने फोन उठाकर नोटिफिकेशन आफ और ऐप का साउंड डिसेबल किया तथा 9 बजे का टाइम टेबल भी फिक्स कर लिया।
इनबाक्स में 'हाय'  लिखा था।
- 'हैल्लो'
-'कैसे हो'
   यूं लगा जैसे कोई गहरी जान-पहचान हो।
-'ठीक हूं, आप बताइए'
- 'मैं भी अच्छी हूं, पोमिग्रेनेट!'
-'जी? पोमिग्रेनेट?'
-'आपकी इस कलर वाली शर्ट ज्यादा अच्छी लगती है।'
-'अच्छा!'
और फिर बातें होती रहीं.... बातें इंसानों से लेकर भूतों तक पहुंचीं, और उन्होंने एक दूसरे को जो कि मिलन के समय इंसान होकर मिले थे, भूत और भूतनी के सम्बोधन से विदा लिया और 'स्वीट ड्रीम्स' के बजाय' हाॅरर ड्रीम्स' बोलकर कल मिलने का वादा लेकर विदाई लिया।

#क्रमशः

✍️ मोहन

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