लाॅक डाउन के मायने 👉 जरूर पढ़िए और शेयर करिए


पहली बात सोशल मीडिया पर कृपया अफवाह न फैलाएं। खतरा बताकर सावधानी बरतने की अपील करें न कि लोगों को पैनिक करें। (जैसा कि अभी मैंने कई जगह पढ़ा कि ये लाकडाउन तो बस शुरुआत है...... ।)
देखिए 1 महीने के लगभग खुद को इतनी प्रीकाशनरी मीजर्स के साथ घर में नियोजित तरीके से कैद रखना आसान नहीं होता, उसके लिए सबसे बड़ा सम्बल व्यक्ति की मानसिक शक्ति और जल्द ही इस संकट से निजात पाने की आशा है। अब अगर आप बेवजह पैनिक खबरें फैलाएंगे तो व्यक्ति मरने से पहले 20 बार मरेगा।
बात करते हैं लाकडाउन पर।
लाकडाउन का मतलब स्थिति और खराब नहीं हुई है बल्कि हम उसपर एक बेहतरीन रणनीति बना रहे।
जैसा कि सबको पता है कि वायरस संक्रमित व्यक्ति के लक्षण दिखने में 8-8 दिन लग जाते हैं, परंतु इतने समय में एक ही व्यक्ति इसको हजारों में और वे हजार आगे फैला सकते हैं।
लाकडाउन से ये होगा कि अगर कोई व्यक्ति इन्फेक्टेड है तो वो अधिकतम अपने परिवार तक रहेगा, लक्षण दिखते ही तुरंत उसका उपचार कर लिया जाएगा और फिर यह महामारी की तरह नहीं फैलेगा।
अब लाकडाउन में मेन रोड तो पुलिस देख लेगी लेकिन गांव-मुहल्ले में ये काम हमीं आपको करना है। क्या पता आप न इन्फेक्टेड हों बल्कि पड़ोस वाला इन्फेक्टेड हो!!
अगर ये 22 दिन हम सबने संयम रखा तो सब ठीक हो जाएगा।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
✍️ मोहन

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